दुनिया की सबसे वजनी गीता, 4 लोग मिलकर पलटते हैं पन्ने

श्रीमद्भगवत गीता को भगवान श्रीकृष्ण की वाणी माना गया है। यह हिंदू धर्म का पवित्रतम ग्रंथ है जिसमें मनुष्य के कर्म से लेकर मुक्ति तक के मार्ग का जिक्र किया गया है। हिंदू धर्म को मानने वाले लगभग हर व्यक्ति के घर में गीता की एक प्रति आपको मिल जाएगी। कहते हैं गीता के श्लोक जीवन के हर मोड़ पर संकट से निकलने का मार्ग बताते हैं। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ जिसे इस्कॉन के नाम से जाना जाता है इन्होंने गीता के अनमोल वचनों को संकलित करके एक ऐसी गीता का निर्माण किया है जिसे दुनिया का सबसे बड़ा और वजनी श्रीमद्भगवत गीता माना जा रहा है। इसके एक पन्ने के वजन ही इतना है कि इसे पटलने के लिए 4 लोगों की जरूरत होती है।आइए जानें इस भव्य गीता की खास बातें….

इस गीता में 670 पृष्ठ हैं और उसका वजन 800 किलोग्राम है। इस्कॉन के अनुसार इसे ‘एस्टाउंडिंग’ यानी अद्भुत गीता कहा जा रहा है।

इस गीता का आकार 2.8 मीटर गुणा 2 मीटर है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी पवित्र पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इंटरनैशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) 400 से अधिक मंदिरों का एक विश्वव्यापी परिसंघ है जो 100 शाकाहारी रेस्त्रां और कई प्रकार की सामुदायिक सेवा परियोजनाएं चलाता है।

इटली के इस शहर में बनाई गई है गीता

दुनिया की सबसे बड़ी भगवद्गीता के बारे में बताया जाता है कि यह इटली के मिलान शहर में बनी है। इटली से भारत इसको समुद्र के रास्ते लाया गया है। बता दें कि इस गीता के उपदेश संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं और इसको बनाने में 2.5 साल का लंबा वक्त लगा है।

इस्कॉन मंदिर के अहमदाबाद प्रमुख जशोमतिनंदन दास ने बताया कि दुनिया की सबसे वजनी भगवद्गीता को बनाने में तकरीबन 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इटली से दिल्ली लाए गई इस गीता को फिलहाल दिल्ली इस्कॉन मंदिर में रखा जाएगा। बाद में इसे कुरुक्षेत्र में बन रहे श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

भगवद्गीता की छपाई संस्था से जुड़े वेदांत बुक ट्रस्ट ने की है। इसे तैयार करने के लिए सिंथेटिक कागज का प्रयोग किया गया है। बताया जाता है कि इस गीता में सोना-चांदी समेत कई धातु लगाए गए हैं। साथ ही इसके कवर पेज को स्वर्णिम धातु से तैयार किया गया है।

 

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